टूटकर मुझको जीना गॅवारा न था : डा.अशोक अग्रहरि

संवाददाता, प्रतापगढ़ । राष्ट्रीय कवि संगम इकाई कौशाम्बी द्वारा एम एल कांवेन्ट स्कूल सभागार सराय आकिल में श्रीराम काव्य प्रतियोगिता तथा कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, मुख्य अतिथि के रूप में विराजमान पूर्व विधायक तथा नगर पंचायत अध्यक्ष शिवदानी ने मां शारदा की प्रतिमा पर माल्यार्पण, पूजन आरती कर विधिवत कार्यक्रम की शुरुआत की।

आयोजक मण्डल द्वारा कवियों का माल्यार्पण, प्रशस्ति पत्र भेंट सारस्वत सम्मान करने के साथ प्रथम, द्वितीय तृतीय पुरस्कार विजेता प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र, स्मृति चिन्ह देकर उनका उत्साह वर्धन करने के साथ आये हुए कवियों ने क्रमशः काव्यपाठ कर कार्यक्रम को एक नई दिशा प्रदान किया।

विशिष्ट अतिथि कवि के रूप में आमन्त्रित प्रतापगढ़ के ख्यातिलब्ध कवि डा.अशोक अग्रहरि प्रतापगढ़ी की तरन्नुम में पढ़ी गई गजल को लोगों ने खूब पसन्द किया तथा श्रोताओं ने जमकर तालियां बजाई, टूटकर मुझको जीना गंवारा न था, मुश्किलातें तो थीं पर सहारा न था, हमने अपना बनाया सभी को मगर, पर कोई सख्श सच में हमारा न था।सेनाकर्मी कवि धीरेन्द्र सिंह नागा ने सच की पैरवी इन पंक्तियों से की सच लिख न सके वो कलम तोड़ दो ये सियासत का अपना भरम तोड़ दो।

सूत्रधार संचालक कवि सुजीत जायसवाल जीत ने अपने मिजाज का शेर पढ़ कर महफिल लूटा -चाह दिलों की जीतने का, सब कहते मुझे सुजीत ।अन्य कवियों में राजेंद्र अग्रहरि, सुधांशू पाण्डेय, सुनील शास्त्री, अनुपम अजनवी, अनिल मानव, सुजीत विश्वकर्मा, आलोक मिश्रा मुकुन्द आदि ने भी काव्य पाठ किया।

जनपद के कवि का विशिष्ट अतिथि कवि के रूप में मेडल, माल्यार्पण, प्रशस्ति पत्र से हुए अभिनन्दन पर अवधी कवि अनीस देहाती, संतोष सुलभ, कवि राजेश विश्वकर्मा, डा.अरुण रत्नाकर, राजेश कुमार, ग्राम प्रधान अशोक कुमार मुन्ना, घनश्याम, राजा अग्रहरि, संजय ठठेर, संतोष कोटेदार आदि ने खुशी जाहिर करते हुए बधाई दी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *